PM Modi: गौरतलब है कि दो हफ्ते पहले ही भारत ने दक्षिण अमेरिकी देश पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत शुरू की थी.
PM Modi: भारत और चीले के बीच समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता करने पर सहमति बनी है. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए चीले के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिच फोंत के बीच हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. इस समझौते के तहत दोनों देश व्यापार और निवेश के नए अवसरों को तलाशेंगे, साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स, खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा देंगे.
बैठक के दौरान दोनों देशों ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों जैसे इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स में उपयोग होने वाले बहुमूल्य खनिजों के खनन और उत्पादन में सहयोग पर भी सहमति जताई. उल्लेखनीय है कि कॉपर और लिथियम उत्पादन में दुनिया का सबसे बड़ा देश होने के नाते चीले इस क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक है. इसके तहत दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ है.
भारतीय निवेश के लिए तैयार है चिली
राष्ट्रपति बोरिच ने स्पष्ट किया कि चीले अपने खनन क्षेत्र में भारतीय निवेश चाहता है. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने चीले को एक महत्वपूर्ण मित्र देश बताते हुए कहा कि भारत और चीले के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग की अपार संभावनाएं हैं.
उन्होंने कहा, “हमने आने वाले दशक के लिए सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की है. हमने अपने दलों को समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते पर चर्चा शुरू करने के निर्देश दिए हैं. विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा. इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.”
भारत की बढ़ती दिलचस्पी अंटार्टिका में
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अंटार्टिका में भारत की रुचि का भी जिक्र किया. राष्ट्रपति बोरिच पिछले वर्ष अंटार्टिका की यात्रा कर चुके हैं और इस संदर्भ में उन्होंने पीएम मोदी को भी चीले और अंटार्टिका आने के लिए आमंत्रित किया.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत अंटार्टिका में बढ़ती रुचि रखता है क्योंकि यह क्षेत्र जलवायु परिवर्तन संबंधी अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. साथ ही, यहां क्रिटिकल मिनरल्स के विशाल भंडार होने की संभावना भी जताई गई है. पीएम मोदी ने कहा, “हम चीले को अंटार्टिका का गेटवे मानते हैं और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग को और अधिक मजबूत करने का स्वागत करते हैं.”
पेरू के साथ एफटीए वार्ता के बाद अब चिली पर ध्यान
गौरतलब है कि दो हफ्ते पहले ही भारत ने दक्षिण अमेरिकी देश पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत शुरू की थी. अब चीले के साथ सहयोग को बढ़ावा देना भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
राष्ट्रपति बोरिच ने अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की. नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक के बाद वह आगरा, बेंगलुरु और मुंबई का दौरा करेंगे. इस यात्रा को भारत और चीले के द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है.
ये भी पढे़ं..वक्फ बिल पर क्या है टीडीपी और जदयू का स्टैंड, नंबर गेम में कौन किसपर भारी?