Home Latest अयोध्या केवल शहर नहीं, बल्कि धर्म और साहित्य की प्रेरणास्थली, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच योगी का अभिनंनदन

अयोध्या केवल शहर नहीं, बल्कि धर्म और साहित्य की प्रेरणास्थली, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच योगी का अभिनंनदन

by Sanjay Kumar Srivastava
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CM YOGI

अयोध्या में 2016-17 में पूरे सालभर मात्र 2.34 लाख श्रद्धालु अयोध्या आते थे, लेकिन आज 16 करोड़ से अधिक लोग यहां भगवान श्रीराम का दर्शन करने आ रहे हैं. यह अयोध्या की बढ़ती महिमा और भव्यता का प्रतीक है.

Ayodhya: अयोध्या में 2016-17 में पूरे सालभर मात्र 2.34 लाख श्रद्धालु अयोध्या आते थे, लेकिन आज 16 करोड़ से अधिक लोग यहां भगवान श्रीराम का दर्शन करने आ रहे हैं. यह अयोध्या की बढ़ती महिमा और भव्यता का प्रतीक है.ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में टाइमलेस अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल के भव्य शुभारंभ के दौरान कही.

मुख्यमंत्री योगी ने सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अशोक के पौधे को जल अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विरासत और विकास को साथ जोड़कर भारत की परंपराओं को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है, जिससे एक बड़ी शुरुआत हुई है.

अयोध्या में आयोजित इस साहित्यिक महोत्सव में सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया गया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राजसदन में उनका पारंपरिक तरीके से अभिनंदन हुआ. मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि अयोध्या सनातन धर्म की आधारभूमि है. यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि धर्म और साहित्य की प्रेरणास्थली है. उन्होंने महर्षि वाल्मीकि और संत तुलसीदास द्वारा रामायण और रामचरितमानस की रचना का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या हमेशा से साहित्य और संस्कृति का केंद्र रही है.

रामायण दुनिया का पहला महाकाव्य, जिसने साहित्य को दी नई दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या सनातन धर्म का केंद्र है. भगवान मनु ने यहीं से मानव धर्म की नींव रखी और यही भूमि श्री हरि विष्णु के अवतार प्रभु श्रीराम की कर्मभूमि बनी. रामायण दुनिया का पहला महाकाव्य बना, जिसने साहित्य को नई दिशा दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार महर्षि वाल्मीकि ने राम कथा को विश्वभर में अमर कर दिया, उसी प्रकार आज भी अयोध्या से जुड़ी हर रचना लोगों के हृदय को छूती है.

हर घर में पढ़े जाते हैं रामायण और रामचरितमानस

उन्होंने कहा कि रामायण और रामचरितमानस आज भी दुनिया के हर कोने और देश के हर घर में पढ़े और सराहे जाते हैं. य़ोगी बोले, मुझे एक बार यूरोप जाने का अवसर मिला. वहां एक टैक्सी ली. टैक्सी वाले से पूछा कहां के रहने वाले हो तो उसने बताया कि पंजाब का रहने वाला हूं. फिर मैंने कहा पंजाब में कहां से. थोड़ा संकोच में उसने कहा मैं पाकिस्तान वाले पंजाब से हूं.मैंने पूछा पहले तुमने भारतीय क्यों कहा, तो उसने कहा कि हम भारतीय कहने पर सेफ रहते हैं. यह स्थिति आज दुनिया के अंदर है. भारत के प्रति सम्मान का भाव है.

सीएम ने कहा कि आज लोग अपने को भारत और विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश का नागरिक बताते हुए गर्व महसूस करते हैं. इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, अयोध्या लिटरेचर फेस्ट के संयोजक यतींद्र मिश्र समेत कई विशिष्टजन मौजूद रहे.

ये भी पढ़ेंः Ayodhya: योगी ने रामलला के चरणों में झुकाया शीश, की पूजा-अर्चना, हनुमानगढ़ी में भी हाजिरी

  • लखनऊ से राजीव ओझा की रिपोर्ट

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