Afghanistan Girls Education : अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंध पर UNICEF ने भी सवाल खड़े किए हैं और तालिबान से अनुरोध किया है कि वह इस बैन को हटा दें.
Afghanistan Girls Education : अफगानिस्तान में छठी क्लास से ऊपर वाली लड़कियों को किसी निजी संस्थान में पढ़ने पर तालिबान प्रशासन ने रोक लगा दी है. तालिबान के प्रांतीय शिक्षा विभाग ने पिछले साल ही छठी क्लास से ऊपर की पढ़ रही लड़कियों को निजी संस्थान में पढ़ने पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया था. इस मुद्दे को लेकर पूरी दुनिया में लोगों ने सवाल खड़े किए थे कि यह बच्चों के मानव अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने भी सवाल खड़े किए हैं और अफगानिस्तान में तालिबान शासकों से शनिवार को लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंधों को तत्काल हटाने का अनुरोध किया है.
4 लाख लड़कियां होंगी प्रभावित
UNICEF की तरफ से अनुरोध इसलिए किया गया है क्योंकि शिक्षा के क्षेत्र में अधिकारों से वंचित लाखों लोगों के भविष्य को बचाया जा सके. यूनिसेफ की तरफ से यह अपील ऐसे समय में आई है जब अफगानिस्तान में छठी क्लास से ऊपर बढ़ने वाली छात्राओं पर निजी स्कूल में जाने से मना कर दिया है. साथ ही नया स्कूल वर्ष की शुरुआत भी लड़कियों के बिना ही शुरू हुआ है जिसको लेकर यूनिसेफ ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एजेंसी ने कहा कि इस बैन ने 4 लाख और लड़कियों को उनके शिक्षा के अधिकार से वंचित कर दिया है जिनकी कुल संख्या 2.2 मिलियन हो गई है.
प्रतिबंध लगाना भविष्य के लिए उचित नहीं
बता दें कि अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो महिलाओं की माध्यमकि और उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध लगाता है. वहीं, तालिबानियों ने प्रतिबंध को सही ठहराते हुए कहा है कि यह शरिया या इस्लामी कानून की उनकी व्याख्या का अनुपालन नहीं करता है. यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने अपने एक बयान में कहा कि तीन साल से अधिक अफगानिस्तान में छोटी बच्चियों के साथ नइंसाफी ने की जा रही है. सभी लड़कियों को अब स्कूल लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि सभी लड़कियों को एक बार फिर से स्कूल में जानें की अनुमति दी जानी चाहिए. साथ ही अगर इन सक्षम लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा जाता है तो इसके परिणाम कई पीढ़ियों तक भुगतने पड़े.
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