Home International युद्ध से थके तो फिलिस्तीनियों को करना पड़ा विरोध-प्रदर्शन, हमास के खिलाफ लगाए नारे; जानें पूरी वजह

युद्ध से थके तो फिलिस्तीनियों को करना पड़ा विरोध-प्रदर्शन, हमास के खिलाफ लगाए नारे; जानें पूरी वजह

by Sachin Kumar
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Gaza War : गाजा में यह पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि फिलिस्तीनी इजराइल के खिलाफ नहीं बल्कि हमास का विरोध कर रहे हैं. यहां तक की उन्होंने हमास को एक आतंकी संगठन तक बता दिया.

Gaza War : इजराइल और हमास के बीच युद्ध का गढ़ बने गाजा में अब फिलिस्तीनी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. मंगलवार को तीन स्थानों पर जमकर प्रदर्शन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. इसी कड़ी में बता दें कि यह प्रोटेस्ट इजराइल के नहीं बल्कि हमास खिलाफ हुआ था. प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों ने हमास को एक आतंकी संगठन बताया और सत्ता छोड़ने की मांग की. मामला यह है कि दक्षिण गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनी इजराइल-हमास के बीच 1 साल से ज्यादा युद्ध से परेशान हो गए थे और इस युद्ध ने इनके जीवन को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया.

फिलिस्तीनियों की जमकर आलोचना

इजराइल के साथ चले करीब 17 महीने तक युद्ध को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को फिलिस्तीनियों की जमकर आलोचना की. साथ ही ही अतीत में गाजा में असहमति को हिंसक तरीके कुचल दिया है और गाजा एक मात्र ऐसा क्षेत्र है जिस पर हमास युद्ध करने के बाद भी शासन कर रहा है. बताया जा रहा है कि गाजा के बेत लाहिया शहर में मंगलवार को जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया और इसमें करीब 3 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए. इनमें से कई लोग ‘हमास का पतन चाहते हैं’ का नारा लगाते हुए नजर आए. इसके अलावा प्रभावित लोगों ने बाहर निकलो, बाहर निकलो! हमास बाहर निकलो! जमकर नारे लगाए.

2 हजार से ज्यादा प्रोटेस्ट में इकट्ठा हुए लोग

प्रदर्शनकारी फिलिस्तीनियों ने कहा कि इस युद्ध में हमारे बच्चे मारे गए हैं और घर भी पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं. बेत लाहिया में युद्ध, हमास, इजराइल और दुनिया में लोगों की चुप्पी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया है. इसके अलावा प्रदर्शन में भाग लेने वाले अम्मार हसन ने कहा कि कुछ दर्जन लोगों के साथ युद्ध-विरोधी का विरोध किया गया, लेकिन जब हमास के खिलाफ नारे लगाए तो उस समय 2 हजार से ज्यादा लोग एक जगह पर इकट्ठा हो गए. बता दें कि उग्रवादी संगठन ने पिछले विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई की है. लेकिन इस बार कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ, शायद इसलिए क्योंकि इजरायल द्वारा उसके खिलाफ युद्ध फिर से शुरू करने के बाद से हमास काफी कमजोर हो गया है.

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