Tariff War : अमेरिकी फर्स्ट नीति के तहत दुनिया भर से देश में आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ लगाने का एलान करने के बाद उसे लागू कर दिया है. इसी कड़ी में ट्रंप प्रशासन ने भारत पर भी पारस्परिक सीमा शुल्क लगाया है.
Tariff War : अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) सत्ता में वापसी करने के बाद अमेरिकी फर्स्ट नीति के तहत दुनिया भर से देश में आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ लगाने का एलान करने के बाद उसे लागू कर दिया है. इसी कड़ी में ट्रंप प्रशासन ने भारत पर भी पारस्परिक सीमा शुल्क लगाया है. ट्रंप ने बताया है कि भारत से आने वाली वस्तुओं पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है. वहीं, डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamurthy) ने ट्रंप प्रशासन की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि इससे वाशिंगटन और दिल्ली के रिश्तों में अनावश्यक दबाव बनेगा.
टैरिफ गुमराह करने वाला
अमेरिका कांग्रेस में इलिनोइस के डेमोक्रेट सांसद कृष्णमूर्ति गुरुवार को एक बयान जारी किया और राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ गुमराह करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा हितों के लिए भी बहुत हानिकारक हैं. कृष्णामूर्ति ने दोनों लोकतंत्रों के बीच आर्थिक साझेदारी को बाधित करने के लिए ट्रंप प्रशासन की निंदा की है. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समय में जब भारत के साथ हमारी साझेदारी हमारी साझा समृद्धि और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के सैन्य आक्रमण और आर्थिक दबाव का मुकाबला करने के समन्वित प्रयासों के लिए पहले कहीं से अधिक महत्वपूर्ण है.
अमेरिका को टैरिफ वापस लेना चाहिए
उन्होंने यह भी कहा कि भारी टैरिफ लगाने के बाद भी अमेरिका और भारत के बीच में दोस्ती मजबूत बनी रहेगी. साथ ही यह टैरिफ अमेरिकी परिवारों को बाहरी वस्तुओं के लिए ज्यादा लागत देनी होगी. इससे अमेरिकी और भारतीय दोनों व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे. कृष्णामूर्ति ने ट्रंप से जोरदार आग्रह किया कि भारतीय सामानों पर जल्द से जल्द ट्रंप प्रशासन को अपना टैरिफ वापस ले लेना चाहिए और अगर सरकार ऐसा कर लेती है तो यह भारतीय-अमेरिकी परिवारों के लिए अच्छा रहेगा. ये टैरिफ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ हमारे संबंध पर अनावश्यक दबाव डालने का काम करेंगे.
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