China Imposed Tariff On US: ट्रंप ने इस टैरिफ को अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए जरूरी कदम बताया है.
China Imposed Tariff On US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया टैरिफ ऐलान ने वैश्विक व्यापारिक मंच पर हाहाकार मचा दिया है. ट्रंप प्रशासन ने चीन से आयातित वस्तुओं पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसके बाद विश्व के कई देशों ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है. इस फैसले से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों में चीन प्रमुख है, जिसने तुरंत पलटवार करते हुए अमेरिकी वस्तुओं पर भी 34 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है.
अमेरिका पर टैरिफ लगाकर क्या बोला चीन ?
ट्रंप ने इस टैरिफ को अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए जरूरी कदम बताया है. उनका कहना है कि यह नीति अमेरिकी नौकरियों को बचाने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी. हालांकि, इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है. यूरोपीय संघ, जापान और कनाडा जैसे देशों ने भी इस कदम को वैश्विक व्यापार नियमों के खिलाफ करार देते हुए चिंता जाहिर की है.
टैरिफ पर क्या बोला चीन ?
चीन ने इस टैरिफ को “अनुचित और आर्थिक युद्ध की शुरुआत” करार दिया है. बीजिंग से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “अमेरिका के इस कदम का जवाब देना हमारी मजबूरी है. हम अपनी अर्थव्यवस्था और हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे.” इसके तहत चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों, ऑटोमोबाइल और तकनीकी उपकरणों सहित सभी प्रमुख आयातों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है.
दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पडे़गा गहरा असर
विश्लेषकों का मानना है कि यह टैरिफ युद्ध दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित कर सकता है. शेयर बाजारों में पहले ही गिरावट के संकेत दिखने लगे हैं, और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे कंज्यूमर गुड्स की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है. आईएमएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, “व्यापारिक तनाव बढ़ने से कोई भी पक्ष विजेता नहीं होगा. यह वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए खतरा बन सकता है.”
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