Home International ट्रंप ने छोड़ी एक और मिसाइल! विदेशी कारों पर लगेगा 25% टैरिफ; जानें US को कितना होगा फायदा

ट्रंप ने छोड़ी एक और मिसाइल! विदेशी कारों पर लगेगा 25% टैरिफ; जानें US को कितना होगा फायदा

by Sachin Kumar
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Donald Trump 25 % tariff imported auto USD 100 billion revenues

Donald Trump Tariff War : टैरिफ नीति को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह स्थायी है. साथ ही इस फैसले के बाद बुधवार को कारोबार में जनरल मोटर्स के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आ गई.

Donald Trump Tariff War : अमेरिकी सत्ता पर काबिज होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) दुनिया में अलग तरह से डील करने में लगे हुए हैं. ट्रंप का सीधा-सा उद्देश्य है कि सामने वाले देश पर इतनी सारी शर्तें लगा दो कि वह किसी न किसी पैमाने पर तो अपनी कमर मोड़ने का काम करेगा. इसी कड़ी में उन्होंने दुनिया में ट्रेड वॉर नाम से चले रहे युद्ध पर ट्रंप ने अपने एक और पत्ता मार्केट में फेंक दिया. उन्होंने अब दुनिया के किसी भी देश से अमेरिका में आने वाली कार पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है. बताया जा रहा है कि इससे अमेरिकी खजाने में करीब 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी होगी.

अमेरिका में मिलेगी उच्च लागत में कार

इसी बीच ट्रंप की तरफ लगाए गए टैरिफ का झटका कुछ अमेरिकियों पर भी लग सकता है क्योंकि अमेरिकी वाहन निर्माता भी दुनिया भर से गाड़ियां खरीदते हैं. इसके अलावा अप्रैल महीने की शुरुआत से ही वाहनों पर वृद्धि का नियम प्रभाव में आ जाएगा और वाहन निर्माताओं को उच्च लागत के साथ कम बिक्री का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी तरफ ट्रंप का कहना है कि सीमा शुल्क बढ़ाने के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका में अधिक कारखाने खुलेंगे और हास्यापद आपूर्ति श्रृंखला समाप्त हो जाएगी. बता दें कि अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में ऑटो पार्ट्स तैयार वाहनों को बनाया जाता है.

ऑटो सेक्टर के शेयरों में आई गिरावट

अपनी टैरिफ नीति को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह स्थायी है. साथ ही इस फैसले के बाद बुधवार को कारोबार में जनरल मोटर्स के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आ गई. वहीं, फोर्ड के शेयर में थोड़ा उछाल देखा गया. लेकिन जीप और क्रिसलर के मालिक स्टेलेंटिस के शेयरों में करीब 3.6 प्रतिशत गिरावट आई. ट्रंप ने लंबे समय से कहा कि है कि ऑटो आयात पर टैरिफ लगाने का सीधा सा मकसद है कि अमेरिका में अधिक प्रोडक्शन किया जाए सके और इससे बजट घाटे को भी कम किया जा सकता है. अमेरिकी और विदेशी वाहन निर्माताओं के पास प्रतिस्पर्धी कीमतों को बनाए रखते हुए वैश्विक बिक्री को समायोजित करन के लिए दुनिया भर में संयंत्र हैं.

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