Myanmar Earthquake: म्यांमार के कई शहरों में शनिवार को भूकंप के दो झटके महसूस किए गए हैं. इसके चलते वहां पर भारी तबाही हुई है. इसमें मरने वालों की संख्या 1644 से अधिक हो गई है.
Myanmar Earthquake: म्यांमार की राजधानी नेपीता में आए 7.7 तीव्रता भूकंप की वजह से भारी तबाही हुई है. इसके बाद से वहां के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. वहीं, शनिवार को देश के सबसे बड़े शहर मांडले में भी 7.7 तीव्रता का भूकंप आया जिससे भारी तबाही हुई है और मरने वालों का आंकड़ा 1644 से ज्यादा हो गया है. हालांकि, इस दौरान बचाव दल ने कड़ी मशक्कत की. जब अभियान चल रहा था तो वहां से कई शव बरामद किए गए हैं.
संपति बुरी तरह बर्बाद
इस खतरनाक भूकंप के चलते सड़कें, पुल और कई सारे सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. इसके चलते कई क्षेत्रों से संपर्क अभी भी कटे हुए हैं. म्यांमार की सैन्य सरकार ने बताया कि शनिवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,644 हो गई है जबकि 2400 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.

लोगों ने सुनाई आपबीती
यहां बता दें कि शनिवार को आए भूकंप में बचे हुए लोगों ने अपनी आपबीती सुनाई है. वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि भूकंप के बाद उसे मलबे से निकाला गया. जिस वक्त भूकंप आया, उस वक्त वह शौचालय में था. व्यक्ति ने कहा कि उसकी दादी, चाची और चाचा अभी भी लापता हैं और उनके बचने की उम्मीद बहुत कम है.
पीएम मोदी ने दिया मदद का हर संभव आश्वासन
वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने म्यांमार में हुई भारी तबाही को लेकर हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है. उन्होंने
म्यांमार में सैन्य नेतृत्व वाली सरकार के प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग से बात की और कहा कि भारत तबाही से निपटने में देश के साथ एकजुटता से खड़ा है. उन्होंने विनाशकारी भूकंप को लेकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. वहीं, पीएम मोदी ने सहायते के लिए भारत ने वायु सेना के विमान से म्यांमार को सौर लैंप, भोजन के पैकेट और रसोई सेट सहित 15 टन राहत सामग्री भेजी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑपरेशन ब्रह्मा के बारे में बताते हुए कहा कि विशेष गियर और खोजी कुत्तों से लैस 80 एनडीआरएफ बचाव दल भी नेपीता के लिए भेजे गए हैं.
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