Syria Crisis : सीरिया उन देशों में शामिल है जहां पर हिंसा उसकी किस्मत में तय हो गया है. इसी बीच राष्ट्रपति बशर असद को पद से हटाने के बाद वह एक ऐसे चौराहे पर खड़ हो गया है जहां से तेजी से हिंसा की ओर बढ़ सकता है.
Syria Crisis : सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे के बाद तुर्की सक्रियता बढ़ गई है और राष्ट्रपति बशर असद (President Bashar Assad) को पद से हटाने के तीन महीने बाद सीरिया एक चौराहे पर खड़ा हो गया है कि वह हिंसा की ओर लौट सकता है या फिर हिंसा की तरफ तेजी से आगे बढ़ सकता है. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत गीर पेडरसन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को बताया कि सीरिया हिंसा की ओर लौट सकता है या एक समावेशी बदलाव शुरू कर सकता है और दशकों के संघर्ष को समाप्त कर सकता है.
सीरिया का ऐसे होगा विकास
गीर पेडरसन ने कहा कि बाहरी शक्तियों की तरफ से संघर्ष, विखंडन और सीरिया संप्रभुता के उल्लंघन की ओर वापस जाने की ओर लौट सकता है या एक समावेशी बदलाव कर सकता है और दशकों के संघर्ष को समाप्त कर सकता है. पेडरसन ने आगे कहा कि दूसरा रास्ता जो सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय को बहाल करेगा. लेकिन इसके लिए सही सीरियाई फैसले और अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत पड़ेगी. बता दें कि सीरिया का गृहयुद्ध करीब 13 सालों तक चला था जिसकी वजह से वहां पर सारी राजनीतिक और सामाजिक कल्याण की संस्थाएं बुरी तरह से क्षति ग्रस्त हो रही थीं.
अहमद अल-शरा को बनाया अंतरिम राष्ट्रपति
13 सालों तक चले गृहयुद्ध के दौरान इस्लामवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम या एचटीएस के नेतृत्व में एक उग्र विद्रोह ने असद का शासन उखाड़ फेंका और 50 सालों तक चले उनके परिवार का वर्चस्व पूरी तरह से खत्म कर दिया. पूर्व HTS नेता अहमद अल-शरा को सशस्त्र समूहों की एक बैठक के बाद देश के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त कर दिया और उन्होंने असद की सत्ता को उखाड़ने में अहम भूमिका निभाई थी. वहीं, पेडरसन ने संयुक्त राष्ट्र परिषद में बताया कि कई दिलों चले संघर्ष के बाद स्थिति बाकी दिनों के मुकाबले थोड़ी शांत हो गई है. इसी बीच UNSC को कई रिपोर्ट मिली है कि जिसमें उत्पीड़न और सांप्रदायिकता की खबर सामने आई है. उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल अंतरिम अधिकारियों ने एक स्वतंत्र जांच की घोषणा की है.
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