6 March 2024
महिला दिवस पर क्यों पहना जाता है पर्पल कलर?
लड़कियों से जुड़ी किसी भी चीज़ को दर्शाने के लिए पिंक कलर और लड़कों के लिए ब्लू कलर का उपयोग किया जाता है। इसको सोसाइटी में आराम से स्वीकार भी किया जाता है। हालांकि, दुनियाभर में 8 मार्च को महिला दिसव मनाया जाता है। इस दिन खासतौर पर बैंगली रंग पहना जाता है। जानते हैं क्यों पहना जाता है महिला दिसव पर पर्पल कलर…
पर्पल कलर का अर्थ
पर्पल कलर जस्टिस और डिगनिटी का प्रतीक माना जाता है। विश्वभर में महिला दिवस पर पर्पल कलर महिलाओं के साथ एकजुटता का भाव दर्शाता है।
हरा रंग
हरा रंग सकारात्मकता और आशा को दर्शाता है। ग्रीन कलर को खुशहाली के साथ जोड़ा जाता है। साथ ही ग्रीन कलर हीलिंग से भी जुड़ा होता है। इसके साथ ही ग्रीन कलर समानता और ताकत को भी दिखाता है। ग्रीन कलर महिलाओं की एनर्जेटिक पर्सनेलिटी से भी जुड़ा हुआ है इसलिए इस रंग को महिला दिवस के अभियान से जोड़ा गया है।
सफेद रंग
सफेद रंग को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। ये रंग किसी भी काम की सफल शुरूआत का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही व्हाइट कलर कामनेस और डिटरमिनेशन की ओर भी इशारा करता है। विश्वभर में शांति और सहजता बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है। इसी के चलते सफेद कलर को उत्सव में खास हिस्सा दिया गया है।
कब हुई थी इसकी शुरुआत?
क्लारा जेटकिन जो एक महिला अधिकार कार्यकर्ता रहीं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बुनियाद 1910 में रखी थी। कामकाजी महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में क्लारा ने इसका सुझाव दिया था। इस सम्मेलन में 17 देशों से 100 महिलाओं ने हिस्सा लिया था जिन्होंने क्लारा जेटकिन के इस सुझाव पर सहमति जाहिर की थी। तब साल 1911 में डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, जर्मनी और ऑस्ट्रिया में पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सेलिब्रेट किया गया था। इस खास दिन पर उन महिलाओं को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामाजिक और कई अन्य क्षेत्रों में अपना योगदान दिया था।
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