Home National राज्यसभा में विपक्ष पर गरजे अमित शाह, बोले- आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद देश के लिए घातक

राज्यसभा में विपक्ष पर गरजे अमित शाह, बोले- आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद देश के लिए घातक

by Sanjay Kumar Srivastava
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Amit Shah

गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है. उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा.

NEW DELHI: गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है. उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. गृह मंत्रालय के कामकाज पर राज्यसभा में एक बहस का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर संविधान निर्माताओं का सपना पूरा किया.

शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 कश्मीर में अलगाववाद का आधार था. लेकिन मैं संविधान निर्माताओं को भी धन्यवाद देता हूं, उन्होंने प्रावधान को अस्थायी बनाया और इसे निरस्त करने का तरीका भी अनुच्छेद में शामिल किया. लेकिन वोट बैंक की राजनीति और जिद के कारण अनुच्छेद 370 जारी रहा. 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया. हमारे संविधान निर्माताओं का सपना था कि देश में दो प्रधान, दो संविधान और दो झंडे नहीं हो सकते.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद सबसे बड़ी चुनौती

शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से हैं. उन्होंने कहा कि चार दशकों में करीब 92,000 नागरिक मारे गए. इनसे निपटने के लिए कोई संगठित प्रयास नहीं किया गया और मोदी सरकार ने यह किया. गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करती. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादी घटनाओं में नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की मौत की संख्या में भारी कमी आई है, जबकि कश्मीर घाटी में पथराव की कोई घटना नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कारण होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत की कमी आई है.आतंकवादी घटनाओं में भी भारी कमी आई है. शाह ने यह भी कहा कि शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों में सफलतापूर्वक चुनाव कराकर जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र स्थापित किया गया है.

पिछली सरकारें नहीं करती थीं नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 2019-24 के दौरान लगभग 40 हजार सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं, 1.51 लाख स्वरोजगार सृजित किए गए, कौशल क्लब चालू हुए. उन्होंने पिछली सरकारों पर नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद खत्म हो जाएगा.

पूर्वोत्तर के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि यह क्षेत्र कुल मिलाकर शांतिपूर्ण है. जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, विकास के एक नए युग की शुरुआत हुई है. उन्होंने कहा कि हमने 2019 से लगभग 19 शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि इस अवधि में पूर्वोत्तर में लगभग 10 हजार आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण किया है.

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