Waqf Bill: भाजपा कार्यकर्ता यह संदेश देंगे कि तीन तलाक कानून के बाद भाजपा सरकार की योजनाओं से गरीब मुस्लिमों को फायदा मिला है.
Waqf Bill Explainer: संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी गूंज तेज हो गई है. विपक्षी दल जहां इसे भाजपा के खिलाफ मुस्लिम मतों को लामबंद करने के लिए भुनाने की तैयारी में हैं, वहीं भाजपा ने भी अपनी रणनीति मजबूत कर ली है. ऐतिहासिक तीन तलाक कानून के बाद भाजपा अब इस संशोधित वक्फ कानून को मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े मुस्लिम वर्ग के लिए बड़ा कदम बताकर इसे सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी.
भाजपा की रणनीति, मुस्लिम अल्पसंख्यकों के बीच जाएगी पार्टी
भाजपा ने इस मुद्दे पर अपने अल्पसंख्यक मोर्चे को सक्रिय कर दिया है. पार्टी का दावा है कि पुराने और नए वक्फ कानून की तुलना करके मुस्लिम समाज को वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा. संसद में इस विधेयक पर लंबी चर्चा के दौरान विपक्ष ने भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताने की कोशिश की, लेकिन भाजपा पहले से इस प्रतिक्रिया के लिए तैयार थी.
भाजपा का मानना है कि वक्फ संपत्ति का अब तक कुछ माफियाओं द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा था, जिससे मुस्लिम समाज को कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा था. भाजपा अब इस संदेश को मुस्लिम समाज के बीच ले जाकर बताएगी कि कैसे नए संशोधन से महिलाओं और पिछड़े मुसलमानों को वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा और समुदाय के विकास में सुधार होगा.
विपक्ष की रणनीति, मुस्लिम वोटबैंक पर नजर
INDI गठबंधन के अंतर्गत कांग्रेस, सपा, डीएमके, राजद, एनसीपी और टीएमसी जैसे दल इस विधेयक को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटे हैं. इन दलों का मानना है कि यह विधेयक भाजपा के मुस्लिम विरोधी एजेंडे का हिस्सा है और इसका उद्देश्य समुदाय को कमजोर करना है.
भाजपा ने किया ‘वक्फ आज़ादी दिवस’ मनाने का ऐलान
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने बताया कि वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने की तिथि, तीन अप्रैल को, ‘वक्फ आज़ादी दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. इसके तहत भाजपा के 65 हजार पदाधिकारी और 38 लाख कार्यकर्ता मुस्लिम बस्तियों में जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगे.
क्या भाजपा मुस्लिम समाज को भरोसे में लेने की कोशिश कर रही है?
भाजपा कार्यकर्ता यह संदेश देंगे कि तीन तलाक कानून के बाद भाजपा सरकार की योजनाओं से गरीब मुस्लिमों को फायदा मिला है. पार्टी का दावा है कि इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक भी मुस्लिम समाज के हित में काम करने की भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
राजनीतिक समीकरणों पर पड़ेगा असर
इस विधेयक को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच सियासी जंग तेज हो गई है. जहां विपक्ष इसे मुस्लिम वोटबैंक को मजबूत करने का अवसर मान रहा है, वहीं भाजपा इस विधेयक को मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े वर्ग के लिए क्रांतिकारी कदम बताकर विपक्ष को बेनकाब करने की कोशिश में है. ऐसे में आगामी चुनावों में इस विधेयक का असर देखने को मिल सकता है.
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