Engineer Rashid News :दिल्ली की एक अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में जम्मू कश्मीर के बारामूला लोकसभा क्षेत्र से सांसद इंजीनियर रशीद की जमानत याचिका खारिज कर दी.
Engineer Rashid News: दिल्ली की एक अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में जम्मू कश्मीर के बारामूला लोकसभा क्षेत्र से सांसद इंजीनियर रशीद की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी है. उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत की याचिका को खारिज कर दिया. नियमित जमानत याचिका पर 19 मार्च को आने वाला फैसला टल गया था. NIA ने इंजीनियर रशीद की याचिका का विरोध किया था, जिसके बाद से उन्हें तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया है.
2017 में गिरफ्तार हुए सांसद
बता दें कि रशीद पर साल 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा चल रहा है. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद वो 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं. रशीद ने 10 मार्च के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें चार अप्रैल तक लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत देने से इन्कार कर दिया गया था.
NIA ने दी दलील
गौरतलब है कि 17 मार्च को दाखिल जवाब में NIA ने दलील दी कि रशीद को सांसद के रूप में अपनी स्थिति का उपयोग करके कारावास की कठोर सजा से बचने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. जांच एजेंसी ने कहा कि रशीद को न तो अंतरिम जमानत दी जा सकती है और न ही अभिरक्षा पैरोल दी जा सकती है, क्योंकि हिरासत में रहते हुए उन्हें संसद सत्र में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है.
विधानसभा चुनावों में मिली थी राहत
आपको बता दें कि 10 सितंबर, 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी थी. उनके पिता के स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी अंतरिम जमानत को 28 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया था. वहीं, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव तीन फेज में यानी 18 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर तक हुए थे. नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए गए थे जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की थी.
25 मार्च को हो सकती है सुनवाई
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर 25 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट में इंजीनियर रशीद की याचिका पर सुनवाई हो सकती है. साल 2024 के लोकसभा चुनावों में उमर अब्दुल्ला को हराने वाले बारामूला के सांसद पर आतंकी फंडिंग मामले में मुकदमा चल रहा है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को फंडिंग की.
यह भी पढ़ें: IPL 2025 के इस मैच के लिए वेन्यू में हुआ बदलाव, सीजन का आगाज होने से पहले हुआ फैसला