PM Modi In BIMSTEC : BIMSTEC समिट में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थाईलैंड के दो दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं. इस सम्मेलन में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान के नेता हिस्सा ले रहे हैं.
PM Modi In BIMSTEC : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को थाईलैंड के दो दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं. थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा कते निमंत्रण पर वह छठे BIMSTEC समिट का हिस्सा बनने जा रहे हैं. आपको बता दें कि ये पीएम मोदी की थाईलैंड की तीसरी यात्रा है. इसके बाद से पीएम श्रीलंक के लिए रवाना होंगे. इस दौरान वह गवर्नमेंट हाउस में शिनावात्रा से मुलाकात करेंगे जहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा. गुरुवार की शाम को प्रधानमंत्री मोदी समुद्री सहयोग पर समझौते के लिए BIMSTEC नेताओं के साथ शामिल होंगे. इस सम्मेलन में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमा और भूटान के नेता हिस्सा लेने वाले हैं.
इस बार थाईलैंड के हाथ अध्यक्षता
यहां बता दें कि इस BIMSTEC की अध्यक्षता थाईलैंड के हाथ में हैं. इसका उद्देश्य सम्मेलन की मुख्य विशेषताओं में 6वें BIMSTEC शिखर सम्मेलन घोषणापत्र को अपनाना शामिल है, जो नेताओं के दृष्टिकोण और निर्देशों को हाईलाइट करेगा. इसके साथ ही ऐतिहासिक बैंकॉक विजन 2030, भविष्य के सहयोग को बढ़ाने के लिए पहला रणनीतिक रोडमैप होगा. क्षेत्रीय संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर नेता समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे, जिसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी में व्यापार और यात्रा का विस्तार करना है.

विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
गौरतलब है कि BIMSTEC समिट को लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है. इस बयान में उन्होंने कहा कि नेताओं से BIMSTEC ढांचे के अंदर सहयोग बढ़ाने के लिए अलग-अलग संस्थान और क्षमता निर्माण उपायों पर भी चर्चा करने की उम्मीद है. वहीं, भारत के क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को भी मजबूत करने के लिए कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार और निवेश जैसे मुद्दे शामिल हैं.
भारत है प्रभावशाली सदस्य
एक्सपर्ट का मानना है कि BIMSTEC का ये शिखर सम्मेलन रणनीतिक दिशा को आकार देने में मदद करेगा. इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि यह बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक विकास और सुरक्षा सहयोग विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मेंच के रूप में काम करेगा. वहीं, भारत, BIMSTEC के चार संस्थापक सदस्यों में से एक है, जो सुरक्षा, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन में क्षेत्रीय सहयोग का नेतृत्व करता है.
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