Maharashtra: राज ठाकरे ने मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को लेकर भी अपनी राय जाहिर की. उन्होंने कहा, “आज हम असली मुद्दों को छोड़कर यह बहस कर रहे हैं कि औरंगजेब की कब्र रहनी चाहिए या नहीं.
Maharashtra: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने शिवाजी पार्क में एक सभा को संबोधित करते हुए गंगा नदी, कुंभ मेले और औरंगजेब की कब्र को लेकर तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा कि देश की नदियों की हालत बेहद चिंताजनक है और इसे धर्म के नाम पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
गंगा की सफाई को लेकर क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा, “हम गंगा को माता कहते हैं, लेकिन उसकी सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. राजीव गांधी से लेकर 2014 में नरेंद्र मोदी तक, हर सरकार ने गंगा सफाई की बात की, लेकिन हालात जस के तस हैं. लाखों लोग गंगा में स्नान करके बीमार पड़ते हैं, लेकिन असली मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा.”
उन्होंने आगे कहा कि गंगा की सफाई के नाम पर अब तक 33 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन आधे जले शव अब भी गंगा में बहाए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि “अगर हमारी प्राकृतिक संपत्तियों की रक्षा के बीच में धर्म आ रहा है, तो ऐसा धर्म किस काम का? क्या हम धर्म के नाम पर नदियों को बर्बाद नहीं कर रहे?”
औरंगजेब की कब्र को लेकर दिया बड़ा बयान
राज ठाकरे ने मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को लेकर भी अपनी राय जाहिर की. उन्होंने कहा, “आज हम असली मुद्दों को छोड़कर यह बहस कर रहे हैं कि औरंगजेब की कब्र रहनी चाहिए या नहीं. इतिहास को समझना जरूरी है, न कि केवल फिल्मों के आधार पर जागरूक होना. जब विक्की कौशल की फिल्म आई, तब कुछ लोगों को संभाजी महाराज की वीरता समझ आई.”
उन्होंने आगे कहा, “औरंगजेब का शासन अफगान से दक्षिण भारत तक था, लेकिन उसने अपने आखिरी दिन महाराष्ट्र में ही बिताए. वह यहीं मारा गया, क्योंकि उसे छत्रपति शिवाजी महाराज के विचार को मिटाना था.”
“औरंगजेब की कब्र पर सिर्फ एक बोर्ड लगाया जाए”
राज ठाकरे ने कहा, “औरंगजेब की कब्र को सजाने की जरूरत नहीं है. वहां सिर्फ एक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें लिखा हो कि ‘जो हमें मारने आया था, उसे हमने यहीं दफन कर दिया.’ हमारे इतिहास की सच्चाई नई पीढ़ी को पता चलनी चाहिए, ताकि उन्हें यह मालूम हो कि हमारे पूर्वजों ने क्रूर शासकों को कैसे परास्त किया.”
“फिल्म देखकर जागने वाले हिंदू किसी काम के नहीं”
राज ठाकरे ने हिंदुत्व पर भी अपनी बात रखते हुए कहा, “आज कुछ लोग सिर्फ फिल्मों से प्रेरित होकर इतिहास की बातें करने लगे हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि असली हिंदुत्व विचारधारा को समझने और उस पर अमल करने की जरूरत है.”
जाति की राजनीति पर निशाना
राज ठाकरे ने इतिहास के संदर्भ में जातिगत राजनीति पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, “अफजल खान और शिवाजी महाराज, दोनों के वकील ब्राह्मण थे. लेकिन अब जाति को लेकर राजनीति की जा रही है, जो सही नहीं है. हमें इतिहास को सही संदर्भ में देखने की जरूरत है.”
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