Home National बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकार को लगाई फटकार; मुआवजा के दिए निर्देश

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकार को लगाई फटकार; मुआवजा के दिए निर्देश

by Live Times
0 comment
UP News : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बुलडोजर को लेकर चल रहे एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूप अपनाया है. कोर्ट का ये बयान साल 2021 में प्रयागराज में हुए एक्शन को लेकर आया है.

UP News : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बुलडोजर को लेकर चल रहे एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूप अपनाया है. कोर्ट का ये बयान साल 2021 में प्रयागराज में हुए एक्शन को लेकर आया है.

UP News : उत्तर प्रदेश समेत देशभर में बुलडोजर एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है. कोर्ट का ये रवैया साल 2021 में हुए बुलडोजर एक्शन पर आया है. दरअसल प्रयागराज में एक वकील, एक प्रोफेसर और तीन महिला याचिकाकर्ताओं के घरों को 2021 में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था. वहीं, इस मामले पर सुनवाई करते हुए SC ने कहा कि घर गिराने की प्रक्रिया असंवैधानिक थी. कोर्ट ने आगे कहा कि घर को ध्वस्त करने की ये मनमानी प्रक्रिया नागरिक अधिकारों का असंवेदनशील तरीके से हनन भी है.

मुआवजा देने की मांग

इस मामले पर कोर्ट ने कहा कि इस तरह के किस्से हमें झकझोर के रख देते हैं. राइट टू शेल्टर नाम की भी कोई चीज होती है. इस सिलसिले में अदालत ने कहा कि नोटिस और अन्य समुचित प्रक्रिया नाम की भी कोई चीज होती है, जिसका पालन नहीं हुआ. इस कड़ी में कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को आदेश दिया है कि पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से तोड़फोड़ की गई है, उस अमानवीय और गैरकानूनी कार्रवाई की वजह से मुआवजा लगाया जा रहा है.

जस्टिस उज्जल भुइयां ने दिया बयान

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में 24 मार्च में हुई घटना का जिक्र करते हुए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक तरफ झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो दूसरी तरफ 8 साल की एक बच्ची अपनी किताबें लेकर भाग रही थी. इस तस्वीर ने सबको हैरान कर दिया. ये स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां अवैध रूप से तोड़फोड़ की जा रही है और इसमें शामिल लोगों के पास निर्माण कार्य करने तक की क्षमता नहीं है.

नहीं मिली थी कोई नोटिस

गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं की मानें तो एक्शन से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं मिली थी. वहीं, नोटिस भेजने के 24 घंटे के अंदर ही बुलडोजर चला दिया गया था. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि साल 2021 में पहले एक मार्च को उन्हें नोटिस जारी किया गया था, उन्हें 6 मार्च को नोटिस मिला. फिर अगले ही दिन 7 मार्च को मकानों पर बुलडोजर एक्शन लिया गया था.

यह भी पढ़ें: कल 12 बजे लोकसभा में पेश होगा वक्फ बिल, सरकार करेगी 8 घंटे की चर्चा; किरेन रिजिजू ने दिया बयान

You may also like

Feature Posts

Newsletter

Subscribe my Newsletter for new blog posts, tips & new photos. Let's stay updated!

@2025 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?
-
00:00
00:00
Update Required Flash plugin
-
00:00
00:00