Waqf Bill : लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर लंबी चर्चा के बाद वोटिंग हुई, जिसमें 288 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 232 ने विरोध जताया.
Wakf Bill : केंद्र की NDA सरकार ने लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल को पेश कर दिया है. बताया जा रहा है कि सरकार विधेयक पर आज चर्चा और वोटिंग कराने की तैयारी में है. विपक्ष ने चर्चा के लिए 12 घंटे की मांग की है, मगर सरकार ने सिर्फ 8 घंटे का समय ही दिया है. इस दौरान निम्न सदन में जमकर हंगामा हो रहा है. सत्ता और विपक्ष एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं. जहां एक तरफ सरकार इस बिल को मुस्लिमों के पक्ष में बता रही है तो विपक्ष विरोध में उतरा है. विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक संविधान का उल्लघंन है और धार्मिक आजादी के खिलाफ है. वक्फ संशोधन बिल से संबंधित हर अपडेट नीचे विस्तार से पढ़ें…
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लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर लंबी चर्चा के बाद वोटिंग हुई, जिसमें 288 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 232 ने विरोध जताया. इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली.
‘भारत से ज्यादा सुरक्षित कहीं नहीं माइनॉरिटी’ – किरेन रिजिजू
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत दुनिया में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित देश है. उन्होंने कहा, “आप कहते हैं कि हमारे देश में माइनॉरिटी सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इस देश से ज्यादा माइनॉरिटी और कहीं सुरक्षित नहीं हैं. 1959 में चीन-तिब्बत में समस्या हुई, तो वहां के लोग भारत आए. म्यांमार और बांग्लादेश से भी लोग यहां शरण लेने आए हैं.”
‘बिल पूरी तरह संवैधानिक’ – किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि वक्फ संशोधन बिल संविधान के दायरे में बनाया गया है और इसका मकसद मुस्लिम समुदाय के बीच एकता को बढ़ावा देना है. उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ सदस्य बिना तर्क के मुद्दे उठा रहे हैं.
‘तर्कहीन मुद्दे उठाए गए’
विपक्ष द्वारा बिल पर सवाल उठाने को लेकर रिजिजू ने कहा, “कुछ सदस्यों ने तर्कहीन मुद्दे उठाए. अगर कोई कहता है कि वक्फ संपत्ति का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो उसके लिए प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए. बिना प्रमाण के आरोप लगाना गलत है.”
लोकसभा में इस बिल पर हुई तीखी बहस के बाद अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसके पारित होने पर यह कानून का रूप ले लेगा.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने क्या कहा
Waqf Amendment Bill पर संसद में जोरदार बहस छिड़ी हुई है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बहस के दौरान कहा कि बड़ी चर्चा हो रही है कि हिंदू वक्फ बोर्ड में क्यों आए. उन्होंने कहा कि पहला वक्फ मोहम्मद साहब को जिसने किया, वह एक यहूदी था. उसने अपने सात बगीचे मदीना में मोहम्मद साहब को गिफ्ट किए थे. इमरान मसूद को जवाब देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि यदि मुसलमानों ने पहला वक्फ नहीं किया, तो आप मोहम्मद साहब के खिलाफ जाकर हिंदुओं को कैसे रोक सकते हैं.
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने क्या कहा
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि इस्लाम से पहले बौद्ध धर्म आया था. उन्होंने कहा कि दुनिया में बौद्ध धर्म क्यों आया, इसको समझना पड़ेगा. जब देश के 90 फीसदी गरीब, दलित, ईबीसी पर जुर्म हुआ था, उनकी संस्कृति पर हमला हुआ था, तब बौद्ध धर्म आया था. उन्होंने कहा कि इस्लाम बाद में आया, और यह इतिहास को समझने की जरूरत है.
पुरी से सांसद संबित पात्रा विपक्ष पर साधा निशाना
ओडिशा के पुरी से सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आज चर्चा में कहा गया कि सबसे अधिक जमीन रेलवे, आर्मी और वक्फ बोर्ड के पास है. हालांकि, हमारा मानना है कि एक परिवार ऐसा है, जिनके पास वक्फ से भी ज्यादा जमीन है. उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि यह बहस केवल वक्फ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई बड़े सवाल छिपे हैं.
हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला और कहा कि जिस पार्टी का एक भी मुस्लिम सदस्य नहीं है, आज उनको मुसलमान कहां से याद आ गए. उन्होंने कहा कि वक्फ की सबसे ज्यादा जमीन उत्तर प्रदेश में 27 फीसदी है और बीजेपी मुसलमानों को बांटने की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि असल टुकड़े-टुकड़े गैंग तो बीजेपी खुद है.
इस बीच हरसिमरत कौर बादल और केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी बहस हो गई. हरसिमरत कौर ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे हिंदुओं को डराकर राजनीति करना चाह रहे हैं. इस पर रवनीत सिंह बिट्टू ने जवाब देते हुए कहा कि हमारे सारे गुरुओं को शहीद करने वाले मुगल थे, और जिनका यह समर्थन कर रही हैं, वे असल में मुगलों की विरासत का बचाव कर रहे हैं. संसद में इस मुद्दे पर लगातार गर्मागर्म बहस जारी है और विभिन्न दलों के नेता अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “एक और गलतफहमी फैलाई जा रही है कि यह विधेयक पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगा. जब आप इस सदन में बोलें तो ज़िम्मेदारी के साथ बोलें. विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विधेयक पारित होने पर सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद कानून लागू होगा… कोई पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं है…”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “आप (विपक्ष) इस देश को तोड़ दोगे…मैं इस सदन के माध्यम से देश के मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा। इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद क्या करेगी? वक्फ की संपत्तियां बेचने वालों को पकड़कर बाहर निकालेगी…वक्फ की आय गिरती जा रही है, जिसके माध्यम से अल्पसंख्यकों के लिए विकास करना है और उन्हें आगे बढ़ाना है, वो पैसा जो चोरी होता है, उसको वक्फ बोर्ड और परिषद पकड़ने का काम करेगी…”
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “यह विधेयक नहीं बल्कि एक उम्मीद है। इस उम्मीद में एंपावरमेंट, एफिशिएंसी और डेवलपमेंट है। इसे देखते हुए देश की जनता इसका समर्थन कर रही है. कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसी कई संस्थाओं ने इसका समर्थन किया है। मैं इसके लिए उनका आभार प्रकट करता हूं। वक्फ में संशोधन करने का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसे खत्म करने और इसमें संशोधन करने का समय आ गया है। भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था ‘खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही’…”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “वक्फ संशोधन का जो बिल सदन में आया है उसे कैबिनेट ने पास किया, संसद में प्रस्तुत हुआ। JPC में भेजा गया। वहां विस्तार से चर्चा हुई। आज फिर से सदन में उस पर चर्चा हो रही है। बिल में देश के गरीब मुसलमानों के लिए सब अच्छा है। कुछ मुट्ठी भर लोगों के कैद में जो पूरा वक्फ बोर्ड रहता था उससे बाहर निकलने का रास्ता बना है। इससे कांग्रेस, सपा, TMC बेचैन है।”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “वक्फ संशोधन का जो बिल सदन में आया है उसे कैबिनेट ने पास किया, संसद में प्रस्तुत हुआ। JPC में भेजा गया। वहां विस्तार से चर्चा हुई। आज फिर से सदन में उस पर चर्चा हो रही है। बिल में देश के गरीब मुसलमानों के लिए सब अच्छा है। कुछ मुट्ठी भर लोगों के कैद में जो पूरा वक्फ बोर्ड रहता था उससे बाहर निकलने का रास्ता बना है। इससे कांग्रेस, सपा, TMC बेचैन है।”
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, “उन्होंने विधेयक के पीछे की सोच और इससे होने वाले लाभ को स्पष्ट कर दिया है। अभी तक वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण और पंजीकरण नहीं था। वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय लगातार कम होती जा रही है और इससे किसी को कोई लाभ नहीं हो रहा था। हमने वक्फ बोर्ड में महिलाओं को मौका दिया है… विपक्ष यहां सिर्फ तुष्टीकरण के लिए भाषण दे रहा है और मुसलमानों को सिर्फ अपना वोट बैंक समझता है…”
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा, “शिवसेना और मेरे नेता एकनाथ शिंदे की ओर से मैं इस विधेयक का पूर्ण समर्थन करता हूं। यह एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन है…पहले अनुच्छेद 370, फिर ट्रिपल तलाक और CAA, और अब यह विधेयक गरीबों के कल्याण के लिए इस सदन में लाया गया है…उनका (UBT के अरविंद सावंत) भाषण सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। यह बहुत चौंकाने वाला था। मैं UBT से एक सवाल पूछना चाहता हूं, उन्हें अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि क्या वे आज बालासाहेब (ठाकरे) जीवित होते तो भी यही बोलते? आज यह स्पष्ट है कि UBT किसकी विचारधारा को अपना रही है और इस विधेयक का विरोध कर रही है। उनके पास अपनी गलतियों को सुधारने, अपने इतिहास को फिर से लिखने और अपनी विचारधारा को जीवित रखने का एक सुनहरा अवसर था…लेकिन UBT ने पहले ही उनकी विचारधारा को कुचल दिया…अगर बालासाहेब आज यहां होते और UBT का असहमति नोट पढ़ते, तो उन्हें बहुत दुख होता…”
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही है। चर्चा की शुरुआत से ही ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जैसे यह बिल मुस्लिम विरोधी है…लेकिन बिल मुस्लिम विरोधी बिल्कुल नहीं है…वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है जो मुसलमानों के हित में काम करने के लिए बनाया गया है। यह कोई धार्मिक संस्था नहीं है…ट्रस्ट को मुसलमानों के सभी वर्गों के साथ न्याय करने का अधिकार होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है…आज एक नैरेटिव बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को कोसा जा रहा है, अगर आपको वो पसंद नहीं हैं तो उनकी तरफ न देखें लेकिन उनके अच्छे काम की प्रशंसा करिए…”
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “वक्फ बोर्ड का जो बिल आया है, हम उसका समर्थन करते हैं…मुस्लिम महिलाओं को फिर एक बार वक्फ बोर्ड में भी जगह देने का काम इस बिल ने किया है। यह बिल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है…जो गलतियां हुई थीं, उनको सुधारने वाला यह बिल है…”
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर क्या बोले AAP नेता अमानतुल्लाह खान
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और AAP नेता अमानतुल्लाह खान ने कहा, “कल अमित शाह ने 123 जगहों का जिक्र किया और कहा कि ये मुख्य जगहों की जमीनें हैं जिसमें हम कोर्ट नहीं जा सकते अपील नहीं कर सकते। इसके पीछे और क्या मकसद है?…ये कहना बेकार है कि कोई भी जमीन को वक्फ की जमीन बता दी जाए… ये वक्फ की जमीनों पर कब्जा कर करके कई चीजें बना रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड में जो वक्फ के पास नहीं है उस पर ये कब्जा कर लेंगे।”
कांग्रेस की गलतियों का सुधार रहे
जेपीसी के चेयरमैन रहे जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष अगर वक्फ बिल को पढ़ता तो वह इस तरह से विरोध नहीं करता. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार उस वक्त भी विभिन्न स्तरों पर संशोधन किए गए थे. बस हम तो कांग्रेस की गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. जगदंबिका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का संशोधन गरीब मुसलमानों की भलाई के लिए लाया गया है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुसलमानों को लेकर राजनीति करते हैं जबकि उनके विकास के लिए काम नहीं करते हैं. जाकिर नाइक, ओवैसी और पर्सनल लॉ बोर्ड कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह से बिल पर रोक लगा दी जाए लेकिन यह बिल किसी कीमत पर नहीं रुकेगा.
वक्फ बिल ने संवैधानिक ढांचे पर किया प्रहार
टीएमसी संसदीय दल के नेता कल्याण बनर्जी ने चर्चा के दौरान कहा कि वक्फ संशोधन बिल संविधान के खिलाफ है, यह बिल पूरी तरह से संविधान के ढांचे पर पूरी तरह प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हम इस बिल का विरोध करते हैं. टीएमसी लीडर ने कहा कि BJP वक्फ राजनीति पर हमला कर रही है और यह वक्फ की संपत्ति मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन है. इसके अलावा वक्फ संशोधन विधेयक में किए जा रहे बदलाव इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति को लेकर गंभीर चिंता के विषय की ओर इशारा कर रहे हैं. बनर्जी ने वक्फ एक्ट 1995 का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लामिक कानून के अनुरूप एक्ट बनाए गए थे और यह अधिकार अब छीने जा रहे हैं. उन्होंने एक-एक क्लॉज का जिक्र करते हुए बताया कि वह किस तरह से संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है.
BJP में खराब हिंदू के लिए मुकाबला चल रहा है
केंद्र पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी के लिए एक और बिल आया है. उन्होंने रविशंकर की बातों पर सहमति जाहिर की और कहा कि एक्स कांग्रेसी उधर से ज्यादा शोर मचा रहे हैं. मैं इस बिल को लेकर जितना समझ पा रहा हूं उसमें कहा गया है कि बिल से काफी उम्मीद है. यह मुझे न तो हिंदी में समझ में आ रहा है और न ही अंग्रेजी में समझ में आ रहा है. मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं कि यह बिल यूनिफाइड वक्फ के लिए है. अब भारतीय जनता पार्टी के बीच में मुकाबला चल रहा है कि सबसे खराब हिंदू में से कौन बड़ा है. उन्होंने कहा कि जो अभी तक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन पाए हैं अभी तक, BJP क्या है? इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव ने हंसते-हंसते तंज कसा है तो मैं हंसते-हंसते ही जवाब देना चाहूंगा कि आपके पांच लोग अध्यक्ष चुन लेते हैं और हमारे अध्यक्ष को करोड़ों लोगों को चुनना होता है, इसलिए हमको थोड़ा समय लगता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल के लिए आप पार्टी के 25 साल के अध्यक्ष और हो जाओ. इस पर अखिलेश ने कहा कि तो फिर नाकामी का यह पर्दा सिर्फ वक्फ बिल है.
पिछड़े मुसलमानों को जगह मिलेगी
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि संशोधन होना चाहिए या नहीं होना चाहिए. दोनों तर्क एक साथ चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आर्टिकल 15 में साफ कहा गया है कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार का मतभेद नहीं किया जाएगा और उसे लेकर केंद्र-राज्य सरकार कानून बना सकती हैं. इसके अलावा एक्ट में लिखा गया है कि पिछड़े समाज के लोगों के लिए सरकार कार्रवाई कर सकती है. उन्होंने बताया कि मैं जिस प्रदेश आता हूं वहां पर भारी संख्या में मुसलमान काफी पिछड़े हुए हैं. उनको वक्फ के प्रबंधन में किसी तरह से मौका नहीं मिल पाता है और यदि इस बिल में इस तरह का प्रावधान किया जा रहा है कि वह लोग आगे आकर इसमें हिस्सेदार बनें तो इसमें परेशानी क्यों है?
वक्फ का राजस्व घटाया गया
गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन बिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज इस सरकार की नजर एक खास समुदाय की जमीन पर है. साथ ही कल इसकी नजर दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर भी होगी. उन्होंने आगे कहा कि वह सिर्फ भ्रम फैलाना चाहता हैं कि वर्तमान समय में कानून सिर्फ महिलाओं के खिलाफ है और महिलाओं को फिलहाल कोई भूमिका नहीं मिलती है. जबकि यह सारे प्रावधान पहले से इस कानून में मौजूद है. चाहे इसमें महिलाओं की सुरक्षा करना हो या फिर उनकी सुरक्षा का मामला हो. राजस्व जितना आना चाहिए था और उसे कम कर दिया गया. मेरा सवाल यही है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? क्या वह नहीं चाहते हैं कि वक्फ देश में बेहतर तरीके से काम करें? उन्होंने राजस्व को 7 से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया.
क्या दूसरे धर्मों से प्रमाणपत्र मांग जाएंगे
लोकसभा में डिप्टी लीडर ऑफ कांग्रेस गौरव गोगोई ने कहा कि यह बिल क्या अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बनाया है या किसी दूसरे विभाग ने इसको तैयार किया है? यह बिल कहां से आ गया? देश में अल्पसंख्यकों की हालत ऐसी हो गई है कि सरकार को उनके धर्म का प्रमाणपत्र देना पड़ेगा. साथ ही क्या वो दूसरे धर्मों से प्रमाण पत्र मांगेंगे कि आपने पांच साल पूरे किए हैं या नहीं? इस बिल में ऐसा क्यों पूछा जा रहा है? सरकार धर्म के इस मामले में क्यों दखल दे रही है.
163 से हुई 166 करोड़ रुपये कमाई
इसके अलावा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि हमने अपने WAMSI पोर्टल पर पूरे रिकॉर्ड की समीक्षा की है. साल 2006 में गठित सच्चर समिति ने भी इस मामले पर विस्तृत जानकारी दी है. साथ ही उस वक्त 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं और उनसे कुल आय 163 करोड़ रुपये थी और 2013 में बदलाव करने के बाद आय 166 करोड़ रुपये हो गई.
इतनी जमीन के बाद भी गरीबों के लिए काम नहीं
किरेन रिजिजू ने बड़ी बात कहते हुए कहा कि रेलवे ट्रैक, स्टेशन और बुनियादी ढांचा राष्ट्र का है न कि सिर्फ भारतीय रेल का है. उन्होंने कहा कि रेलवे की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के बराबर कैसे मान सकते हैं? रिजिजू ने बताया कि रेलवे की तरह ही रक्षा भूमि दूसरी सबसे बड़ी भूमिधारक है, राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के लिए है. इसकी तुलना वक्फ भूमि से कैसे की जा सकती है? बहुत सी वक्फ की निजी संपत्तियां हैं. यही कारण है कि भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ की संपत्ति है. जब हमारे देश में दुनिया में सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति है, तो इसका इस्तेमाल गरीब मुसलमानों की शिक्षा, चिकित्सा, कौशल विकास और आय सृजन के लिए क्यों नहीं किया गया?
आचार संहिता से पहले जमीन दी गई
किरेन रिजिजू ने इस दौरान UPA सरकार पर निशाना साधा और बताया कि साल 2012-13 में किए काम के बारे में मैं यह बताना चाहता हूं कि चुनाव नजदीक थे और आचार संहिता लागू होने वाली थी. चुनाव अप्रैल-मई 2014 में हुए और इससे पहले 5 मार्च, 2014 में UPA सरकार ने आवास और शहरी विकास मंत्रालय के तहत 123 प्रमुख संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित कर दिया. इसकी देश में क्या जरूरती थी? उन्होंने विपक्ष से पूछा कि देश में चुनाव के कुछ ही दिन बचे थे क्या आपको इसलिए इंतजार नहीं करना चाहिए था?
सपंत्तियों के मैनजमेंट करने की निगरानी
संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेज रिजिजू ने लोकसभा में बिल प्रस्तुत करने के दौरान कहा कि वक्फ बोर्ड की भूमिका मुतवल्लियों और वक्फ मामलों को संभालने वालों द्वारा वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट की निगरानी करना है. यह पूरी तरह से शासन और पर्यवेक्षण के लिए एक प्रावधान है.
CAA पर झूठ फैलाने वाले माफी मांगेंगे
अपने भाषण के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने CAA का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने CAA लागू किया तो क्या नागरिकता छीना क्या? वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने वक्फ के डिजिटलाइजेशन से लेकर वक्फ क्रिएट करने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया और कहा कि सबकुछ राज्य सरकारों को ही करना है. जो-जो वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट की गई है, उसे लेकर हम लगातार टच में रहेंगे. जो रिफॉर्म्स हम लाए हैं और जो बदलाव किए गए हैं इसमें अगर आपको लगता है कि वक्फ प्रॉपर्टी के बेहतर इस्तेमाल करने के लिए क्या करना चाहिए, उसमें आपके सुझाव का हम खुले दिल से स्वागत करेंगे. इस बिल का विरोध करने वालों को सदियों तक याद रखा जाएगा. रिजिजू ने कहा कि हम किसी जाति-धर्म की वजह से सांसद नहीं बने हैं.
वक्फ बोर्ड विधेयक का नाम ‘उम्मीद’ रखा गया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का नाम अब ‘उम्मीद’ रखा गया है. वहीं, इसमें संसदीय समिति के कई सुझावों को शामिल किया है. यह कहना गलत है कि संसदीय सिमित के सुझाव को नहीं माना गया है. गरीब मुस्लिम लोग कह रहे हैं कि इस बिल को जल्दी पास करना चाहिए.
2 महिला सदस्य जरूरी
इस दौरान रिजिजू ने कहा कि वक्फ में 10 में से 2 महिला जरूरी. इस बोर्ड में 4 गैर मुस्लिम सदस्य होंगे. दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ की संपत्ति भारत में है. वहीं, इस बोर्ड में 2 प्रोफेशनल होंगे. किरेन रिजिजु ने कहा कि वक्फ की प्रोपर्टी निजी संपत्ति मानी जाती है. दुनिया से सबसे अधिक वक्फ प्रोपर्टी भारत में है. ऐसे में भारत का मुसलमान इतना गरीब क्यों है.
धर्म के खिलाफ नहीं है ये बिल
वक्फ बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं. ये सिर्फ संपत्ति से जुड़ा मामला नहीं. किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है. हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे. इस पर विपक्ष को जोरदार हंगामा देखने को मिल रहा है. स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए नसीहत दी कि भारत की संसद में बैठे हो, गरिमा का ध्यान रखो. किसी भी व्यक्ति को बैठे-बैठे टिप्पणी का अधिकार नहीं है.
संसद भवन पर भी वक्फ का दावा किया जा रहा
वक्फ के लिए चर्चा के दौरान रिजिजू ने कहा कि विपक्ष का मन साफ नहीं है. संशोधन नहीं होता तो संसद भवन पर भी वक्फ का दावा किया जा रहा था.उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष लोगों को ममराह कर रहे हैं.
किरेन रिजिजू पेश कर रहे हैं बिल
उन्होंने कहा कि बिल पर 96 लाख से ज्यादा याचिकाएं मिलीं. उन्होंने कहा कि इस बिल पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई है. उन्होंने आगे कहा कि 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा. पॉलिसी मेकर्स, विद्वानों ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं. उन्होंने कहा कि साल 2013 में वक्फ के नियमों में बदलाव किया गया था.
अमित शाह ने बिल के पक्ष में दिया बयान
इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारी कमेटी लोकतांत्रिक है. हमारी कमेटी में सुधार को मंजूर किया है.
बिल हुआ पेश
लोकसभा में पेश हुए वक्फ संशोधन बिल. इस दौरान विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिल रहा है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक को पेश किया है. इस पर सरकार ने 8 घंटे की चर्चा करने का समय दिया है. वहीं, संसद में इस बिल पर जोरदार विरोध किया गया है. विपक्षी दलों का कहना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है, जबकि सरकार का दावा है कि इससे वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा। चर्चा के दौरान तीखी बहस की उम्मीद है.
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