चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग और कदम उठा रहा है.विपक्षी दल भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते रहते हैं.
NEW DELHI: चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग और कदम उठा रहा है.विपक्षी दल भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते रहते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEO) ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में पहली बार बूथ लेवल आफिसर (BLO) के लिए प्रशिक्षण की शुरुआत की.
चुनाव आयोग अगले कुछ वर्षों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में औसतन 10 मतदान केंद्रों पर 1 लाख से अधिक बीएलओ को प्रशिक्षित करेगा. ये अच्छी तरह से प्रशिक्षित बीएलओ देशभर में विधानसभा स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स का एक दल बनाएंगे, जो 100 करोड़ मतदाताओं और आयोग के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगा.
अपने काम को और बेहतर करने के लिए तकनीक की दी जाएगी जानकारी
चुनाव आयोग इसे पहले चुनाव वाले राज्यों पर लागू करेगा. वर्तमान में बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के 109 बीएलओ इस दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं.साथ ही बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के 24 ईआरओ और 13 डीईओ भी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण में उन्हें मतदाता सूचियों के त्रुटिमुक्त फॉर्म भरने की आवश्यकताओं से लैस करने के बारे में बताया जाएगा. इसके अलावा उन्हें अपने काम को और बेहतर करने के लिए आईटी अनुप्रयोगों से परिचित कराया जाएगा.
मालूम हो कि बीएलओ राज्य सरकार के अधिकारी होते हैं और जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) के अनुमोदन के बाद निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा नियुक्त किए जाते हैं. सीईसी ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों के त्रुटि रहित अद्यतन में ईआरओ और बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए जोर दिया कि राज्य सरकारों को एसडीएम स्तर या समकक्ष अधिकारियों को ईआरओ के रूप में नामित करना चाहिए.
BLO के खिलाफ किसी भी शिकायत पर होगी कार्रवाईः मुख्य चुनाव आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि केवल भारत के नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से निवासी हैं, उन्हें मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईआरओ या बीएलओ के खिलाफ किसी भी शिकायत पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ को मतदाता सूची के अद्यतनीकरण के लिए घर-घर जाकर सत्यापन के दौरान मतदाताओं के साथ बातचीत में विनम्र होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आयोग लगभग 100 करोड़ मतदाताओं के साथ खड़ा था, है और हमेशा खड़ा रहेगा.
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