मुगलों के नामकरण वाले स्थलों को लेकर शिवसेना ने विरोध जताना शुरू कर दिया है. शिवसेना की जम्मू-कश्मीर यूनिट ने नाम बदलने को लेकर बाड़ी ब्राह्मणा में प्रदर्शन किया.
Jammu: मुगलों के नामकरण वाले स्थलों को लेकर शिवसेना ने विरोध जताना शुरू कर दिया है. शिवसेना की जम्मू-कश्मीर यूनिट ने नाम बदलने को लेकर बाड़ी ब्राह्मणा में प्रदर्शन किया. इस दौरान शिवसैनिकों ने कहा कि प्रतिष्ठित स्थलों पर मुगलिया छाप मंजूर नहीं है. कहा कि पुंछ-राजौरी को कश्मीर से जोड़ने वाली ‘मुगल रोड’ का नाम बदलकर डोगरा वंश के संस्थापक व जम्मू-कश्मीर रियासत के पहले महाराजा गुलाब सिंह तथा कश्मीर के मुगल गार्डन का नाम कश्यप ऋषि के नाम पर रखा जाए.
पार्टी के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिवसैनिकों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया. इस दौरान शिवसैनिक नाम बदलने वाली तख्ती भी लिए हुए थे. इस मौके पर पार्टी प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि जम्मू कश्मीर कभी अंग्रेजों का गुलाम नहीं रहा. हिंदुस्तान पर कब्जा करने का सपना देखने वाले महमूद गजनवी को भी कश्मीर पर आक्रमण के दौरान अपमान का घूंट पीकर लौटना पड़ा था. यहां मुगलों के वंशज भी नहीं हैं ,तो क्यों हम पर मुगलों की यादों को चस्पा किया जा रहा है.
वहीं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कश्मीर को बसाने का श्रेय महर्षि कश्यप को जाता है. उन्हीं के नाम पर इसका नाम कश्यपपुरा हुआ जो अब कश्मीर बन चुका. मगर दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी यादों को लगभग मिटा दिया गया है जबकि उनके वंशज कश्मीरी पंडित आज भी जम्मू-कश्मीर में हैं. ऐसा ही व्यवहार डोगरा वंश के संस्थापक व जम्मू-कश्मीर के प्रथम शासक महाराजा गुलाब सिंह के साथ किया जा रहा है.
‘मुगल रोड’ का नाम बदल ‘महाराजा गुलाब सिंह’ तथा कश्मीर के मुगल गार्डन का नाम ‘महर्षि कश्यप गार्डन’ रखने की मांग
साहनी ने कहा कि राजधानी दिल्ली के राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन का नाम बदलकर ‘अमृत उद्यान’हो चुका है. दिल्ली में मुग़ल शासकों के नाम से रखी गई सड़कों एवं ऐतिहासिक इमारतों के नाम बदले जा चुके हैं. जम्मू-कश्मीर की सड़कों व प्रतिष्ठित स्थलों पर मुगलाई छाप को कतई मंजूर नहीं किया जा सकता. साहनी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से तत्काल ‘मुगल रोड’ का नाम बदल ‘महाराजा गुलाब सिंह’ तथा कश्मीर के मुगल गार्डन का नाम ‘महर्षि कश्यप गार्डन’ रखने की मांग की है.
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- जम्मू से रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट