महाराष्ट्र के पुणे में वेतन न बढ़ने से नाराज बस चालक ने अपना गुस्सा सहकर्मियों पर उतार दिया. कर्मचारियों को लेकर कंपनी आने के दौरान चालक ने रास्ते में बस में आग लगा दी, जिससे चार की मौत हो गई और छह गंभीर झुलस गए.
Pune: महाराष्ट्र के पुणे में वेतन न बढ़ने से नाराज बस चालक ने अपना गुस्सा सहकर्मियों पर उतार दिया. कर्मचारियों को लेकर कंपनी आने के दौरान चालक ने रास्ते में बस में आग लगा दी, जिससे चार की मौत हो गई और छह गंभीर झुलस गए. बताया जाता है कि आरोपी कई सालों से कंपनी में बतौर चालक काम कर रहा था, लेकिन उसकी सैलरी नहीं बढ़ रही थी. जबकि
सहकर्मियों की सैलरी में इजाफा हो रहा था. आग लगाने के बाद चालक कूद गया.
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कन्हैया थोराट ने बताया कि बस चालक ने जानबूझकर वाहन में आग लगाई और इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की. पुलिस जांच में सामने आया है कि वेतन न बढ़ने से चालक अपने सहकर्मियों से नाराज था. महाराष्ट्र के पुणे के हिंजवाड़ी इलाके में गुरुवार को मिनीबस में लगी आग में चार लोगों की मौत हो गई थी और छह अन्य झुलस गए थे. पुलिस के मुताबिक यह कोई हादसा नहीं बल्कि बस चालक जनार्दन हंबार्डिकर की सुनियोजित साजिश थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि चालक अपने सहकर्मियों से नाराज था और बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया.
कंपनी के कर्मचारियों को लाते समय रास्ते में दिया घटना को अंजाम
पुलिस जांच में पता चला कि बस चालक जनार्दन हंबरडेकर ने कंपनी से पुरानी रंजिश और नाराजगी के चलते इस घटना को अंजाम दिया. उसने कर्मचारियों से विवाद और वेतन न बढ़ने से नाराज होकर अंजाम दिया. मंगलवार को ही आरोपी चालक ने अपनी कंपनी से एक लीटर “बेंजिम सॉल्यूशन” नामक रसायन लाकर बस में रख लिया. अगले दिन बुधवार की सुबह जब वह कर्मचारियों को लेने निकला, तो रास्ते में वारजे इलाके से एक माचिस खरीदी. जब बस हिंजवाड़ी फेज वन इलाके में पहुंची, तो उसने पहले से रखे कपड़ों में आग लगा दी. रसायन के कारण आग तेजी से फैल गई. आग लगने के बाद चालक तुरंत बस से कूद गया, जबकि बस में मौजूद अन्य लोग आग की चपेट में आ गए.
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो, उसकी साजिश का खुलासा हुआ. पुलिस अधिकारी ने कहा कि बस चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103 और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है. बस में बैठे सभी यात्री व्योमा ग्राफिक्स कंपनी के कर्मचारी थे. सभी झुलसे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक गंभीर व्यक्ति को पुणे शिफ्ट किया गया है. डीसीपी गायकवाड़ ने बताया कि जो चार लोग आग में झुलसकर मारे गए, वे बस की पिछली सीट पर बैठे थे और समय पर बाहर नहीं निकल पाए.
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