Home Latest Jaipur: स्पीकर के खिलाफ टिप्पणी संवैधानिक परंपराओं के विपरित, बगैर पक्षपात सदन चलायाः वासुदेव देवनानी

Jaipur: स्पीकर के खिलाफ टिप्पणी संवैधानिक परंपराओं के विपरित, बगैर पक्षपात सदन चलायाः वासुदेव देवनानी

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
Rajasthan speaker Devnani

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ‌द्वारा उनके सन्दर्भ में मीडिया में दिया गया बयान निरर्थक और संवैधानिक परम्पराओं व मर्यादाओं के विपरित है.

Jaipur: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ‌द्वारा उनके सन्दर्भ में मीडिया में दिया गया बयान निरर्थक और संवैधानिक परम्पराओं व मर्यादाओं के विपरित है. उन्होंने कहा कि अच्छा होता यदि गहलोत अपने दल के सदस्यों को सदन की मर्यादाओं में रहने, परम्पराओं का पालन करने के साथ स्पीकर का सम्मान और स्पीकर पर अनर्गल टिप्पणी नहीं करने की नसीहत देते.

प्रतिपक्ष को सदन में दिए गए बोलने के अधिक अवसर

देवनानी ने कहा कि उन्होंने समझाने के साथ नेता प्रतिपक्ष को अपने केबिन में बुलाकर बातचीत भी की. बावजूद इसके न समझने पर ही प्रतिपक्ष के सदस्यों को निलंबित करना पड़ा. वासुदेव देवनानी ने कहा कि उन्होंने संवैधानिक पद पर रहते हुए सदैव बिना किसी पक्षपात के सदन में नियमों और मर्यादाओं का निर्वहन करते हुए सदन की परम्पराओं को आगे बढ़ाया है. देवनानी ने प्रतिपक्ष को सदन में बोलने के अधिक अवसर प्रदान किए हैं. प्रतिपक्ष को सदन में पूरा महत्व देते हुए हर मुद्दे पर चर्चा भी की है. मालूम हो कि स्पीकर जैसे संवैधानिक पद पर सदन के अंदर या सदन के बाहर टिप्पणी करना संवैधानिक परम्पराओं और मर्यादाओं के विपरित है.

देवनानी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के द्वारा विधान सभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद की कार्यशैली पर सवाल उठाया जाना भी सदन की परम्पराओं और मर्यादाओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि सोलहवी राजस्थान विधान सभा के तृतीय सत्र में आठ दिवस में सत्रह अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को 161 और इंडियन नेशनल कांग्रेस के विधायकों को 162 बार सदन में बोलने का अवसर दिया गया.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा-हर मौके पर नेता प्रतिपक्ष को रखा साथ

कहा कि विधान सभा में प्रतिपक्ष के सदस्यों को अधिक बोलने का मौका देना पहली बार ही हुआ है. वे प्रतिपक्ष को न केवल पूरे अवसर देते हैं बल्कि उनके हर अमर्यादित कदम पर भी बड़ा दिल दिखाते हुए बोलने के पूरे अवसर देते हैं. देवनानी ने कहा कि कॉन्स्टीटयूशन क्लब ऑफ राजस्थान की विश्व स्तरीय सुविधाओं के शुभारंभ के मौके पर भी प्रतिपक्ष ‌द्वारा उठाया गया सवाल निरर्थक था. शुभारंभ के मौके पर भी उनके द्वारा प्रतिपक्ष के नेताओं से बात की गई और क्लब में सुविधाओं को तैयार करवाने और निरीक्षण करने के हर मौके पर नेता प्रतिपक्ष को उन्होंने साथ रखा.

देवनानी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद गरिमामय और दलगत राजनीति से ऊपर होता है. ऐसा वक्तव्य विधान सभा की गरिमा और परम्पराओं के विपरित है. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान विधानसभा का यह सदन लोकतंत्र का पवित्र स्थल है. इसकी गरिमा को बनाए रखने का दायित्व सता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों का होता है.

ये भी पढ़ेंः राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल ने की लोकसभा अध्यक्ष सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से भेंट, विकास पर हुई चर्चा

  • जयपुर से शैलेंद्र शर्मा की रिपोर्ट

You may also like

Feature Posts

Newsletter

Subscribe my Newsletter for new blog posts, tips & new photos. Let's stay updated!

@2025 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?
-
00:00
00:00
Update Required Flash plugin
-
00:00
00:00