लखनऊ में देश की पहली व दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी बनने जा रही है.कुकरैल नाइट सफारी में करीब 72 फीसदी क्षेत्र में हरियाली रहेगी.
Lucknow: लखनऊ में देश की पहली व दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी बनने जा रही है.कुकरैल नाइट सफारी में करीब 72 फीसदी क्षेत्र में हरियाली रहेगी.वन विभाग के अफसरों का मानना है कि नाइट सफारी का निर्माण हो जाने के बाद लखनऊ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर आ जाएगा.यह विदेशी पर्यटकों को भी आकृष्ट करेगा. यह विश्व की पांचवी नाइट सफारी होगी. अभी सिंगापुर, थाइलैंड, चीन, इंडोनेशिया में नाइट सफारी है. लखनऊ में उससे भी अच्छी नाइट सफारी बनेगी.
1,500 करोड़ से तैयार होगा ‘कुकरैल नाइट सफारी और एडवेंचर पार्क’
लखनऊ नाइट सफारी और एडवेंचर पार्क का निर्माण अप्रैल से शुरू होगा. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महत्वाकांक्षी ‘कुकरैल नाइट सफारी और एडवेंचर पार्क’ परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा, जिसका कुल बजट 1,500 करोड़ रुपये से अधिक होगा. उन्होंने कहा 631 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला पहला चरण अप्रैल में शुरू होगा और 24 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है. कुकरैल जंगल के 34.59 लाख वर्ग मीटर (855.07 एकड़) में फैले नाइट सफारी में 38 पशु बाड़े होंगे, जिनमें शेर, बाघ, तेंदुए, भालू, हिरण और विभिन्न सरीसृप और पक्षियों सहित विभिन्न प्रजातियों के जानवर होंगे.
चरण-1 के निर्माण में 65,254 वर्ग मीटर वन क्षेत्र को शामिल किया जाएगा, जिसमें मनोरंजन गतिविधि क्षेत्र, प्रशासनिक खंड, 7 डी थियेटर, आर्ट गैलरी, भव्य प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया, पशु चिकित्सालय और कर्मचारियों के आवासीय ब्लॉक जैसी विभिन्न सुविधाएं शामिल होंगी. सफारी की एक प्रमुख विशेषता ट्राम सेवा होगी, जिसमें पूरे परिसर में समर्पित ट्राम भंडारण और रनिंग लाइनें बनाई जाएंगी. परियोजना में बुनियादी ढांचे का विकास भी शामिल होगा, जैसे सड़क, फुटपाथ, पार्किंग और जल निकासी व्यवस्था.
शेर, तेंदुआ, नीलगाय, काला हिरण, चिंकारा जैसे जानवरों को देख सकेंगे पर्यटक
योजना विभाग द्वारा तैयार मास्टर प्लान में कर्मचारियों के लिए विभिन्न आवासीय ब्लॉकों के निर्माण की रूपरेखा दी गई है, जिसमें निदेशक का बंगला और पशु चिकित्सक का बंगला भी शामिल है. कुकरैल नाइट सफारी में भारतीय शेर, कैराकल, तेंदुआ, नीलगाय, काला हिरण, चिंकारा, स्लॉथ भालू, बारहसिंघा, हिरण, हॉग डियर, सियार, हिमालयन काला भालू, धारीदार लकड़बग्घा प्रमुख हैं.
इसके अतिरिक्त, घड़ियाल, जंगली सूअर, बंगाल टाइगर, फिशिंग कैट, ऊदबिलाव, मगरमच्छ, जेब्रा, सीतातुंगा, दरियाई घोड़ा, अफ्रीकी भैंसे, उल्लू, अजगर, कोबरा, वाइपर, फ्लाइंग फॉक्स, फ्लाइंग स्क्विरिल, पाम लिवेट, जंगली बिल्ली, भेड़िये, स्लो लोरिस तथा भारतीय सेही आदि जैसे 38 जीवों के बाड़े का भी निर्माण किया जाएगा. इन निर्माण कार्यों के पूरा होने पर आधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा इंटीग्रेटेड बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आईबीएमएस) जैसी सुविधाओं को स्थापित व संचालित किया जाएगा.
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- लखनऊ से धीरज त्रिपाठी की रिपोर्ट