Chaitra Navratri 2025 Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. इन देवी की पूजा करने से भक्त भय से मुक्त और उनके सभी प्रकार के पाप भी नष्ट हो जाते हैं. चलिए बताते हैं कैसे करें मां चंद्रघंटा की अराधना, शुभ मुहूर्त, भोग, शुभ रंग और विधि.
Chaitra Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा देवी पार्वती का उग्र रूप है. जिन्होंने राक्षसों का नाश करने के लिए यह रूप धारण किया था, जिससे राक्षसों का विनाश हुआ था. देवी चंद्रघंटा अपने दस हाथों में कमल, माला, तलवार, त्रिशूल आदि धारण करती हैं. कहा जाता है कि मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत शांत और ममतामयी है, जो कि अपने भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं. इस दिन पूजा करने से हमारे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और जीवन में खुशहाली आती है.

शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार कल यानि 1 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है. कल मां की पूजा के लिए शुभ अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक रहेगा. इस दौरान भक्त मां भगवती के तीसरे स्वरूप में देवी चंद्रघंटा की पूजा कर सकते हैं.
शुभ रंग
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है और यह महादेवी का तीसरा रूप हैं. बता दें कि इस दिन लाल रंग को शुभ माना जाता है क्योंकि यह शक्ति और साहस का प्रतीक होता है.

पूजा की विधि
तीसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके साफ कपड़ों को धारण करना चाहिए. इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि योग में चंद्रघंटा व्रत की संकल्प लेकर पूजा करनी चाहिए. कहा जाता है इस योग में की गई पूजा आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती है. अब सबसे पहले मां चंद्रघंटा को गंगा जल से स्नान कराना चाहिए. फिर उन्हें अक्षत, सिंदूर, पीले फूल, सफेद कमल के फूल, धूप, दीप, फल, नैवेद्य आदि अर्पित करना चाहिए. पूजा में मां को लाल और पीले रंग के वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है. साथ ही आपको चंद्रघंटा के मंत्र का जाप करना चाहिए, फिर देवी चंद्रघंटा को भोग लगाएं. इसके बाद दुर्गा चालीसा का पाठ जरूर करें और अंत में मां चंद्रघंटा की आरती करें.

मां चंद्रघंटा के लिए भोग
माना जाता है कि देवी चंद्रघंटा को भोग में उनकी पसंदीदा खीर, गाय का दूध, सफेद मिठाई, केले और सेब से बनी खीर चढ़ाना चाहिए क्योंकि ये चीजें मां चंद्रघंटा को प्रिय मानी जाती हैं.
यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन ऐसे करें मां ब्रह्माचरिणी की पूजा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और बहुत कुछ