Home Religious आज का पंचांग, 5 अप्रैल 2025, जानिए क्या रहेगा शुभ मुहूर्त, तिथि,योग, दिशा शूल आदि

आज का पंचांग, 5 अप्रैल 2025, जानिए क्या रहेगा शुभ मुहूर्त, तिथि,योग, दिशा शूल आदि

by Rishi
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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang: आज सूर्योदय प्रातः 6:07 बजे और सूर्यास्त सायं 6:41 बजे होगा. वहीं, चन्द्रोदय का समय 11:41 बजे दिन में और चन्द्रास्त का समय रात 2:19 बजे (6 अप्रैल को) है.

Aaj Ka Panchang: आज दिनांक 5 अप्रैल 2025 को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो रात्रि 7:26 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी. आज का दिन शनिवार है और आज मासिक दुर्गाष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. साथ ही दिन में भद्रा, रवि योग और आडल योग जैसे महत्वपूर्ण संयोग भी बन रहे हैं, जो इस दिन को विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण बनाते हैं.

आज सूर्योदय प्रातः 6:07 बजे और सूर्यास्त सायं 6:41 बजे होगा. वहीं, चन्द्रोदय का समय 11:41 बजे दिन में और चन्द्रास्त का समय रात 2:19 बजे (6 अप्रैल को) है. आज पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 5:32 बजे (6 अप्रैल) तक रहेगा, तत्पश्चात पुष्य नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा. योगों की बात करें तो आज अतिगण्ड योग रात्रि 8:03 बजे तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग आरंभ होगा. करण के अनुसार, पहले विष्टि करण प्रातः 7:44 बजे तक रहेगा, फिर बव करण शाम 7:26 बजे तक और उसके बाद बालव करण का प्रवेश होगा.

आज चंद्रमा दिन में 11:25 बजे तक मिथुन राशि में और इसके पश्चात कर्क राशि में संचरण करेगा. सूर्य वर्तमान में मीन राशि में स्थित है और रेवती नक्षत्र में भ्रमण कर रहा है. आज 2082 विक्रम संवत, 1947 शक संवत और 2081 गुजराती संवत का उल्लेख पंचांग में किया गया है. वर्ष का संवत्सर कालयुक्त है, जो 25 अप्रैल 2025, दोपहर 3:07 बजे तक रहेगा.

आज के दिन के शुभ मुहूर्तों में प्रमुख हैं – ब्रह्म मुहूर्त (4:35 से 5:21 प्रातः), अभिजीत मुहूर्त (11:59 से 12:49 दोपहर), विजय मुहूर्त (2:30 से 3:20 अपराह्न), गोधूलि मुहूर्त (6:40 से 7:03 सायं) और सायाह्न संध्या (6:41 से 7:50 सायं). विशेष रूप से अमृत काल और निशिता मुहूर्त भी शुभ कार्यों हेतु महत्त्वपूर्ण हैं, जो क्रमशः 3:07 से 4:43 प्रातः (6 अप्रैल) और 12:01 से 12:46 मध्य रात्रि (6 अप्रैल) तक रहेगा.

वहीं अशुभ कालों की बात करें तो आज राहुकाल प्रातः 9:15 से 10:50 बजे, गुलिक काल 6:07 से 7:41 बजे, यमगण्ड 1:58 से 3:33 बजे और दुर्मुहूर्त 6:07 से 6:57 बजे प्रातः तक रहेगा. इसके अतिरिक्त भद्रा काल भी 6:07 से 7:44 बजे प्रातः तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है.

आज का बाण काल ‘रज’ है, जो रात्रि 11:56 बजे से पूरी रात्रि तक प्रभावी रहेगा. दिशा शूल पूर्व दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए या यात्रा से पूर्व उचित उपाय करना लाभकारी रहेगा. वहीं, चन्द्र वास पश्चिम दिशा में है.

आज का दिन देवी दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि मासिक दुर्गाष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है. शक्ति साधना और दुर्गा सप्तशती पाठ का आज विशेष महत्व है. भक्तजन इस दिन उपवास रखते हुए माँ दुर्गा के आठवें रूप महागौरी की पूजा करते हैं. साथ ही, आज के दिन किए गए जप, तप, दान और व्रत से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.

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