Introduction
Most Wickets in ODI : विश्व भर में तीन स्तरों पर क्रिकेट खेला जाता है जिसमें टी-20, वनडे और टेस्ट श्रेणियों में शामिल है. इसी कड़ी में हम वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं. इस फॉर्मेट का पहला मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 5 जनवरी, 1971 को खेला गया था. जहां पर ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को 5 विकेट से जीत लिया था. आपको बताते चलें कि इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच के दौरान बारिश पड़ने की वजह से हुई थी और यह मुकाबला पूरा नहीं हो पाया था इसलिए हर टीम को 40 ओवर खेलने का मौका मिला था. साथ ही इस दौरान हर ओवर 8 गेंदें फेंकने का नियम बनाया गया. इसके बाद एक-दिवसीय मुकाबले की नींव रखी और साल 1975 में पहली बार वनडे विश्व कप खेला गया जहां पर टीम के बल्लेबाज और गेंदबाजों ने दम भरने का काम किया. इस बीच हम उन गेंदबाजों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है, जिसको तोड़ने के लिए वर्तमान में किसी भी गेंदबाज के लिए आसान होता नहीं दिख रहा है. कई गेंदबाजों ने तो वनडे में इतने विकेट लिए हैं कि डेढ़ दशक बीतने के बाद भी इस रिकॉर्ड को कोई टच तक नहीं कर पाया है. वहीं, वनडे में बल्लेबाजों में अधिकतर सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, जैक कैलिस और रिकी पोंटिंग के रनों की बात की जाती हैं कभी गेंदबाजों की बातचीत नहीं होती है. इसी बीच हमने यह आर्टिकल सिर्फ गेंदबाजों के लिए लिखा है जहां उनके महानतम रिकॉर्ड के बारे में चर्चा की गई है और इसको आज तक कोई तोड़ नहीं पाया है. हालांकि, इसमें एक गेंदबाज ऐसा भी है जिसने टेस्ट क्रिकेट में भी अपना धाक जमा रखी है. देखिए उन पांच गेंदबाजों को जिन्होंने वनडे में सिक्का अपना जमाया है…
Table of Content
- 14 साल बाद भी नहीं टूटा रिकॉर्ड
- स्विंग का बादशाह
- गेंदबाजों में बना चीता
- चमिंडा का चमत्कार रिकॉर्ड
- गेंद और बल्ले का जादूगर
14 साल बाद भी नहीं टूटा रिकॉर्ड
श्रीलंका के पूर्व दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने क्रिकेट इतिहास में सबसे सफल गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई है. वनडे क्रिकेट के इतिहास में इस श्रीलंकाई स्पिनर ने 350 वनडे मैचों में 534 लोगों को शिकार बनाकर विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में टॉप पर बना हुआ है. मुरलीधरन की इस दौरान इकॉनमी 3.93 जबकि स्ट्राइक रेट 35.2 रहा है. इसके अलावा वनडे फॉर्मेट में उनका बेस्ट स्कोर 30 रन देकर 7 विकेट लेने का रहा है. मुथैया मुरलीधरण ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला विश्व कप 2011 का फाइनल मैच खेला था और उसके बाद उन्होंने इस फॉर्मेट से संन्यास का एलान कर दिया. श्रीलंका के पूर्व स्पिनर को इंटरनेशनल से संन्यास लिए करीब 12 साल बीत गए हैं लेकिन अभी तक कोई गेंदबाज उनका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है और वह इस लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं. इसके अलावा मुरलीधरन टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट के साथ प्रथम स्थान पर बने हुए हैं… कही बार लोगों के मुंह से सुना जा सकता है कि रिकॉर्ड बनते ही हैं टूटने के लिए लेकिन इस श्रीलंकाई स्पिनर का रिकॉर्ड टूटने का नाम ही नहीं ले रहा है और बीते एक दशक में अभी तक कोई गेंदबाज उनका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया है.

स्विंग का बादशाह
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम को एक समय स्विंग का बादशाह कहा जाता था और उनकी एक गेंदबाज इस तरह की गेंदबाजी करना चाहता था. वसीम ने 19 साल क्रिकेट खेला और इस दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए हैं. इसमें मुख्य रूप से वनडे फॉर्मेट में श्रीलंकाई गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने का है. ओडीआई फॉर्मेट में उन्होंने 356 मैचों में 502 विकेट लिए हैं और यह एक तेज गेंदबाज के रूप में सबसे ज्यादा विकेट हैं लेकिन विकेट चटकाने में सभी गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर जगह बनाने वाले खिलाड़ी हैं. इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 15 रन देकर 5 विकेट चटकाने का है. साथ ही उन्होंने 6 बार पांच विकेट लेने का काम किया है. इस गेंदबाज ने बल्लेबाजी में कई कमाल किए हैं 356 मैचों में 16.52 की औसत से 3717 रन बनाए हैं और इस दौरान इनका 86 रन सर्वोच्च स्कोर रहा है. वहीं, टेस्ट की बात करें तो वसीम अकरम ने 104 टेस्ट मुकाबलों में 2.59 की इकोनॉमी से 414 विकेट लिए है जबकि 25 बार पांच विकेट और 5 बार 10 विकेट लेने का काम किया है.

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गेंदबाजों में बना चीता
पाकिस्तान का दिग्गज गेंदबाज वकार यूनुस एक समय दुनिया के सबसे खतरनाक बॉलरों की लिस्ट में शामिल किए जाते थे और इस दौरान उनकी यॉर्कर का कोई जवाब नहीं था. वकार ने अपने वनडे करियर में 262 मुकाबले खेले हैं और 416 विकेट चटकाए हैं. यही वजह है कि आज भी वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर विराजमान हैं. वकार का बेस्ट स्कोर 36 रन देकर 7 विकेट लेने का रहा है. बता दें कि 90 के दशक में वकार यूनुस और वसीम अकरम की जोड़ी विश्व में सबसे खतरनाक जोड़ियों में से एक मानी जाती थी. दोनों ने मिलकर विश्व क्रिकटेर में दुनियाभर के बल्लेबाजों को चौंकाने का काम किया. इसके अलावा 4 और 6 नवंबर, 1990 को वकार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 रन देकर 5 विकेट और 16 रन देकर 5 लेने का रिकॉर्ड इतिहास में बना दिया. साथ ही 36 साल बाद भी उनका यह रिकॉर्ड कोई गेंदबाज नहीं तोड़ा पाया है. इन दोनों ही मुकाबले में पाकिस्तान को जीत मिली थी. अपनी तूफानी रफ्तार के लिए पहचान बनाने वाले पूर्व गेंदबाज वकार ने वनडे में विकेट चटकाने के मामले में तीसरे स्थान पर मौजूद हैं. वहीं, उनका इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा पांच बार विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है और उन्होंने अपने करियर में 13 बार पांच विकेट लिए हैं. दूसरी तरफ उनके पास गेंदों को दोनों तरफ स्विंग करवाने का टैलेंट भी था और यही वजह थी कि उनको दुनिया के तमाम गेंदबाजों की लिस्ट में सबसे खतरनाक माना जाता है. साल 1993 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 153 प्रति किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी उस वक्त यह शानदार रिकॉर्ड में दर्ज हो गई थी.

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चमिंडा का चमत्कार रिकॉर्ड
क्रिकेट की दुनिया में कई रिकॉर्ड बनते हैं और कई उसमें से टूट जाते हैं लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी होते हैं जो इतिहास में दर्ज हो जाते हैं. एक ऐसा ही रिकॉर्ड वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड श्रीलंकाई पूर्व गेंदबाज चमिंडा वास के नाम पर बना हुआ है. इस खिलाड़ी को वनडे फॉर्मेट में गेंदबाजों को बादशाह कहा जाए तो गलत नहीं होगा. उन्होंने वनडे करियर में 322 खेले हैं जिसमें 400 लिए हैं जिसके कारण वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे स्थान पर विराजमान हैं. इसके अलावा साल 2001 में श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबले खेला गया जहां पर श्रीलंकाई गेंदबाज चमिंडा वास विरोधी टीम के बल्लेबाजों के पीछे भूखे शेर की तरह पड़ गए और पूरी टीम 38 रनों पर ही ढेर हो गई. इस मुकाबले में चमिंडा ने पांचवें ओवर में तीन विकेट लिए और इसके बाद 11वें ओवर में तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद पर लगातार हैट्रिक लेकर रिकॉर्ड बना दिया. इस तरह उन्होंने इस मुकाबले में कुल 8 विकेट चटकाए जिसके बाद आज भी यह विश्व रिकॉर्ड में बना हुआ है.

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गेंद और बल्ले का जादूगर
साल 1996 में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में डेब्यू करने वाले स्टार खिलाड़ी शाहीद अफरीदी को यह फॉर्मेट में ज्यादा ही खास रहना चाहिए. 1996 से लेकर 2015 तक उन्होंने अपने 19 साल के करियर में 351 छक्के जड़े थे. इसके अलावा उनके करियर की तरफ देखें तो उन्होंने 398 मुकाबलों में 23.58 की औसत से 8064 रन बनाए. वहीं, उनकी गेंदबाजी की तरफ निगाह डालें तो 4.63 की इकोनॉमी से 395 विकेट चटकाए हैं. यही कारण है कि शाहीद अफरीदी दुनिया के टॉप गेंदबाजों की लिस्ट में पांचवें स्थान पर बने हुए हैं. साथ ही इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 7/12 है. बता दें कि 2 अक्टूबर, 1996 में शाहीद अफरीदी ने केन्या के खिलाफ एक दिवसीय इंटरनेशनल मुकाबला खेला थ. वहीं, उन्होंने 22 अक्टूबर 1998 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट मुकाबला खेला था. अफरीदी का करियर काफी शानदार रहा है. उन्होंने गेंद और बल्ले से पाकिस्तान कई बार मुकाबले जीताए हैं. साथ ही पूर्व गेंदबाज के नाम अभी भी दुनिया में सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड है और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 37 गेंदों में शतक बनाने का काम किया था.

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Conclusion
एकदिवसीय क्रिकेट की शुरुआत होने के बाद इसने पॉपुलैरिटी बंटोरने का काम किया और इस फॉर्मेट में कई गेंदबाजों ने अपना एक रिकॉर्ड बनाया जो वर्षों बाद भी टूटने का नाम नहीं ले रहा है. श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के नाम आज भी सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है और उन्होंने यह कारनामा 2011 में करके दिखाया था और विश्व कप 2011 के बाद उन्होंने संन्यास लेने का एलान कर दिया. इसी कड़ी कई ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने अपने करियर में विकेट लेने का महारिकॉर्ड बनाने का काम किया. वहीं,मुथैया मुरलीधरन के बाद पाकिस्तानी टीम के स्टार गेंदबाज वसीम अकरम का नाम आता है और उन्होंने भी वनडे में अपना झंडा फहराने का काम किया है. वसीम ने अपने करियर में 356 वनडे मुकाबले खेले हैं और 3.9 इकोनॉमी से 502 लेने का कारनामा करके दिखाया है. इसी कड़ी में वकार यूनुस, चमिंडा वास और शाहिद अफरीदी का नाम आता है. इस फॉर्मेट का मजा सबसे ज्यादा तब आता है जब पांच साल में एक बार विश्व कप का आयोजन होता है और हर एक टीम का सपना होता है कि वह इस खिताब को जीतकर अपने देश में लेकर जाए. अभी तक सबसे ज्यादा एक दिवसीय विश्व कप ऑस्ट्रेलिया ने जीते हैं और 2023 में भी उसी ने खिताब जीतने का काम किया था.
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